रातें अधूरी

—◆◆◆— 🌟स्वरांजली🌟 शब्दों की गूँज🌟 रातें अधूरी, प्रेम की यादों संग, जागती होगी, विरह गीत, करुण स्वर में, सुनाती होगी व्याकुल वायु, शून्यता में नभ

ब्रह्म विष्णु महेश

—◆◆◆— खड्ग विशाल विकराल धनुष कठोर चक्र । शुभ्र त्रिनेत्र शोभित शूल हाथ भृकुटि वक्र। जननी दुर्गा भोग मोक्ष तत्क्षण नमित शक्र ब्रह्मा महेश विष्णु

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