30/06/19 सुविचार-स्वरांजली

प्रतिभाएँ विलक्षण हो सकती हैं,यदि उनके विस्तार में संसार तनिक भी सहयोग कर पाए अन्यथा विलक्षणता को प्राप्त करते-करते प्रतिभाओं का अधिकांश अमूल्य समय कहीं

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