अध्याय~ 1

📖#प्रेममयी_प्रेमग्रन्थ✍ |~~~~~~~~~~| मैं अपने गीत,गजलों को,, तुम्हारे नाम करती हूँ तुम्हारा ज़िक्र होगा सिर्फ,,यही एलान करती हूँ लिखूँगी नज़्म अब जो भी, तुम्हारे प्रेम की