अध्याय~ 7

#प्रेममयी_प्रेमग्रन्थ💕 ★••••••••••••★ उन्होंने कहा,, एक शाम मुझसे…… ……आपकी नज़रों से गिरकर,, ….किधर जाऊँगा,, …जीते जी मर ही जाऊँगा..!! मेरे अश्रु बोल पड़े,, जवाब उनसे….. ….जिंदगी

अध्याय~ 5

#प्रेममयी_प्रेमग्रन्थ ~~~~~~~~~~~~~~~~~~~ राधा नही हूँ,, मैं.. वियोग सह नही पाऊँगी एक क्षण भी आपको, नयनों से,, ओझल देख,, नही पाऊँगी।। व्याकुल हो रहा है मन,

अध्याय~ 4

#प्रेममयी_प्रेमग्रन्थ💗 ~~~~~~~~~~~~~~~~~~~ उन्हें मुझसे,, प्रेम है….. #बेहिसाब….. और मुझे…… उनके प्रेम से,, बेहिसाब….. #प्रेम है…. ~~~~~~~~~~~~~~~~~~~ ~~~~~~~~~~~~~~ अगला अध्याय:- ( अध्याय-5 ) रचनाकार [{कवयित्री/कवि }]:-

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