अपूरन हरि प्रसाद

—◆◆◆— 🌟स्वरांजली🌟 शब्दों की गूँज🌟 श्याम प्रिय तुलसी सदा, निश्चय निर्वीवाद। बिन तुलसी के भोग के, अपूरन हरि प्रसाद।। —◆◆◆— रचनाकार [{ कवयित्री/कवि }] :-