अध्याय ~ 10

📖#प्रेममयी_प्रेमग्रन्थ✍

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वो जब प्रेम से बोले कि,

आपके लिए मैं ताज भी बनवा दूँ,,

सारी दुनिया की खुशी,,

आपके कदमों में ला दूँ..”

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जवाब इतना सा था मेरा उनको,,

” ख़्वाहिश नही कि ,, आप मेरे लिए ताज़ बनवाए,

चाह इतनी सी है कि,,

हॄदय के कोने में उम्रभर की जगह दे जाए💞

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अगला अध्याय:- ( अध्याय~11 )

रचनाकार [{कवयित्री/कवि }]:- सुनिधि चौहान

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#स्वरा

|| धन्यवाद||

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