साँझ हुई ओ कान्हा

—◆◆◆—


🌟स्वरांजली🌟 शब्दों की गूँज🌟


राह निहारत तोरी भई साँझ अब तो कान्हा
आजा अब तो कर एहसान ओ कान्हा..!

मत कर इतना खुद पर गुमान वों कान्हा
राह निहारूं तोंरी बैठ द्वार ओ कान्हा

जाऊ कहाँ किस ओर मैं ओ कान्हा
कितना करू अब इंतजार ओ कान्हा

राह निहारु तोरी पल पल ओ कान्हा
तुझसे मोरी एक आस ओ कान्हा..!

देदो दरश अब एक बार तो कान्हा
के अब तो भई साँझ ओ कान्हा..!

—◆◆◆—


रचनाकार [{ कवयित्री/कवि }] :- सोनम शर्मा✍


अन्य रचनायें पढ़ें👉 © OfficeOfswara.com

Advertisements

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.