सूरज आग उगल रहा

—◆◆◆—

हाहाकार मची धरती पर,
तपिश बढ़ी हर ओर है…🌴

सूरज आग उगल रहा है🌞
बची नही कहीं पेड़ और है…🌳

पानी की हो गई है किल्लत💧
मुश्किल हो गया जीना है…😢

हालत यही रहा तो फिर,
सिर्फ दूषित जल होगा पीना है...😢

—◆◆◆—

© OfficeOfswara.com

***********

रचनाकार:- अजय केशरी

अन्य लेखकों की रचनायें पढ़ने के लिए.. (( क्लिक करें ))

अन्य रचनाओं के लिए :-(( क्लिक करें ))

|| धन्यवाद||

स्वरांजली समूह से जुड़ने के लिए :- ((सम्पर्क करें ))

Advertisements

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.